देश की बड़ी FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) एक बड़ा बदलाव कर रही है। उसकी आइसक्रीम यूनिट अब अलग कंपनी बनेगी। इस डिमर्जर के कारण HUL आज अंतिम दिन यूनिफाइड रूप में ट्रेड कर रहा है और इसलिए बाजार में उत्साह और हलचल दोनों दिख रही हैं। HUL ने अपने लोकप्रिय ब्रांड — क्वालिटी वॉल्स, कॉर्नेटो, मैग्नम, फीस्ट और क्रीमी डिलाइट — को नई कंपनी ‘क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड (KWIL)’ में ट्रांसफर कर दिया है।
इस कदम का मकसद आइसक्रीम बिजनेस को स्वतंत्र कर के दोनों कंपनियों को अलग-अलग फोकस व विकास के मौके देना है। डिमर्जर 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी माना जा रहा है और इसका रिकॉर्ड डेट 5 दिसंबर रखा गया है। इसलिए आज, 4 दिसंबर, HUL का आखिरी संयुक्त ट्रेडिंग सेशन है। अगर कोई निवेशक KWIL के शेयर पाना चाहता है तो T+1 सेटलमेंट नियम के अनुसार आज तक HUL शेयर खरीदना होगा। HUL ने शेयर एंटाइटलमेंट 1:1 रखा है — यानी हर एक HUL शेयर पर निवेशक को KWIL का एक शेयर मिलेगा। नई कंपनी के शेयरों का एलॉटमेंट 29 दिसंबर को होने की बात कही गई है और उसकी सूचीबद्धता (लिस्टिंग) की तारीख बाद में घोषित होगी। SEBI नियमों के अनुसार, NCLT की मंजूरी के 60 दिनों के भीतर KWIL को एक्सचेंज पर लिस्ट होना चाहिए।
डिमर्जर का असर शेयर प्राइस पर साफ दिखेगा। 5 दिसंबर को स्पेशल प्री-ओपन सेशन में HUL के शेयर की नई वैल्यू तय की जाएगी, जिसमें आइसक्रीम बिजनेस के अलग होने का समायोजन शामिल होगा। इससे HUL के पुराने और नए वैल्यू के बीच समायोजन सामने आएगा। डेरिवेटिव सेगमेंट में भी परिवर्तन होगा — HUL के मौजूदा F&O कॉन्ट्रैक्ट आज ट्रेडिंग खत्म होते ही एक्सपायर कर दिए जाएंगे और नए स्ट्राइक रेट्स के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट्स बाद में जारी होंगे।
सूचकांकों में भी समायोजन होगा; उदाहरण के लिए निफ्टी 50 में अस्थायी रूप से KWIL को ‘डमी स्टॉक’ के रूप में शामिल किया जा सकता है ताकि इंडेक्स समायोजन सुचारु रूप से हो सके। डमी स्टॉक का मूल्य HUL की नई कीमत और पुराने क्लोज के बीच के अंतर को दर्शाएगा और तब तक शून्य पर भी रखा जा सकता है जब तक KWIL आधिकारिक लिस्टिंग नहीं पा लेता।
कुल मिलाकर यह डिमर्जर HUL के लिए रणनीतिक बदलाव है। अलग होकर आइसक्रीम बिजनेस और बाकी FMCG बिजनेस दोनों को अपनी-अपनी रणनीति और वृद्धि पर बेहतर ध्यान देने का मौका मिलेगा। बाजार और निवेशक अब इस बात पर नजर लगाए हुए हैं कि KWIL का मूल्यांकन कैसा होगा और भविष्य में निवेशकों के लिए किस तरह के रिटर्न की संभावना बनती है। ध्यान रखें कि यह जानकारी सूचना के उद्देश्य से है — निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषताएँ
- डिमर्जर का सार
- HUL की आइसक्रीम यूनिट को अलग कर नई कंपनी KWIL बनाई गई।
- प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से लागू मानी जा रही है।
- रिकॉर्ड डेट और शेयर अलॉटमेंट
- रिकॉर्ड डेट: 5 दिसंबर 2025।
- HUL का आज (4 दिसंबर) आखिरी यूनिफाइड ट्रेडिंग दिन।
- एंटाइटलमेंट रेशियो: 1 HUL = 1 KWIL।
- KWIL शेयरों का अलॉटमेंट: 29 दिसंबर 2025 (लिस्टिंग बाद में घोषित)।
- निवेशकों के कदम
- KWIL के शेयर पाने के लिए आज तक HUL खरीदना जरूरी (T+1 सेटलमेंट)।
- निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूरी।
- बाजार और तकनीकी असर
- HUL शेयर की नई वैल्यू 5 दिसंबर के प्री-ओपन सेशन में तय होगी।
- मौजूदा F&O कॉन्ट्रैक्ट्स आज खत्म होंगे; नए कॉन्ट्रैक्ट बाद में जारी होंगे।
- इंडेक्स समायोजन के लिए KWIL को अस्थायी ‘डमी स्टॉक’ के रूप में शामिल किया जा सकता है।
- क्यों अहम है
- दोनों कंपनियों को अलग रणनीतिक फोकस और विकास के अवसर मिलेंगे।
- KWIL का भविष्य का वैल्यूएशन और रिटर्न मार्केट द्वारा तय होंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से राय लें।













